तमिलनाडु (Tamil Nadu) के चार जिलों में बाढ़ (Flood) से हालात बिगड़ गए हैं। पिछले 24 घंटे में हुई तेज बारिश (Rain) ने दक्षिणी जिलों थूथुकुडी, तिरुनेलवेली, तेनकासी और कन्याकुमारी में भारी तबाही मचाई है। इन जिलों में बारिश और बाढ़ से जनजीवन (Life) अस्त-व्यस्त हो गया है। लाखों लोग घरों में फंसे हैं। सुरक्षाबलों (Security Forces) की मदद से बड़े पैमाने पर राहत (Relief) और बचाव अभियान (Rescue Operation) शुरू किया गया है। इन चार जिलों का संपर्क तमिलनाडु के बाकी हिस्सों से कट गया है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन मंगलवार (19 दिसंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के लिए सोमवार रात नई दिल्ली पहुंचे। राज्यपाल आरएन रवि ने मंगलवार को राजभवन में रक्षा और केंद्र सरकार के विभागों के अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई है। अधिकारियों ने कहा कि सोमवार सुबह तक 1,039 बच्चों सहित 7,434 लोगों को राहत शिविरों में भेजा गया है। कई जगह बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी है। कुछ स्थानों पर मोबाइल टावर ध्वस्त हो जाने से नेटवर्क में बाधा आ गई है।
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थमीराबरन नदी उफान पर है
राज्य सरकार ने सोमवार देररात तक जनहानि के आंकड़े जारी नहीं किए। हालांकि, चार जिलों में हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। सैकड़ों वाहन बह गए हैं। थमीराबरन नदी उफान पर है। भारतीय नौसेना भी राहत और बचाव अभियान में जुट गई है। तमिलनाडु सरकार ने सेना और वायुसेना की भी मदद की मांग की है।
श्रीवैकुंटम रेलवे स्टेशन पर 500 यात्री फंसे
मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति के बीच दक्षिण रेलवे के श्रीवैकुंटम रेलवे स्टेशन पर 800 से अधिक यात्री फंसे हुए थे, जिनमें से 300 यात्रियों को निकाल लिया गया लेकिन 500 यात्री अभी भी फंसे हुए हैं। दक्षिण रेलवे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी देते हुए कहा कि रेलवे फंसे हुए सभी यात्रियों को निकालने के लिए ठोस प्रयास कर रहा है। बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए दक्षिण रेलवे ने भी कई ट्रेनों के रूट में बदलाव किया है।
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