Manipur Violence: राज्यपाल की चेतावनी का समय सीमा निकट, बड़ी मात्रा में हथियारों का आत्मसमर्पण

इन सात जिलों में चूड़ाचांदपुर, इंफाल पूर्व, बिष्णुपुर, थौबल, कांगपोकपी, जिरीबाम और इंफाल पश्चिम जिले शामिल हैं।

74

Manipur Violence: राज्यपाल अजय भल्ला (Ajay Bhalla) द्वारा दी गई समय सीमा समाप्त होने के करीब है, जातीय संघर्ष से ग्रस्त मणिपुर में आग्नेयास्त्रों और गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा सरेंडर (Firearms and ammunition surrender) किया गया है। पुलिस ने बुधवार को बताया कि मंगलवार को सात जिलों में सुरक्षा बलों के समक्ष कुल 87 आग्नेयास्त्र सरेंडर (87 firearms surrendered) किए गए।

इन सात जिलों में चूड़ाचांदपुर, इंफाल पूर्व, बिष्णुपुर, थौबल, कांगपोकपी, जिरीबाम और इंफाल पश्चिम जिले शामिल हैं। इंफाल पश्चिम जिले में सबसे अधिक हथियार सरेंडर किए गए, जिसमें मैगजीन के साथ 12 कार्बाइन मशीन गन, मैगजीन के साथ दो .303 राइफल, मैगजीन के साथ दो एसएलआर राइफल, चार 12-बोर सिंगल बैरल गन और एक आईईडी शामिल हैं।

यह भी पढ़ें- Maha Kumbh 2025: PM मोदी ने महाकुंभ पर दिया बड़ा बयान, जानें क्या कहा

कांगपोकपी जिले में आत्मसमर्पण
जिरीबाम जिले में आत्मसमर्पण किए गए हथियारों में पांच 12 बोर की डबल बैरल बंदूकें, एक 9 एमएम कार्बाइन मैगजीन के साथ और एक ग्रेनेड शामिल हैं। कांगपोकपी जिले में आत्मसमर्पण किए गए हथियारों में दो मैगजीन के साथ एक एके-47 राइफल, एक .303 राइफल, एक स्मिथ एंड वेसन रिवॉल्वर, मैगजीन के साथ एक .22 पिस्तौल, एक सिंगल बैरल राइफल और ग्रेनेड शामिल हैं।

यह भी पढ़ें- 58th UNHRC: UNHRC में भारत ने पाकिस्तान को सुनाई खरी खोटी, जानें क्यों कहा ‘फेल्ड स्टेट’

मणिपुर में राष्ट्रपति शासन
गौरतलब है कि एन बीरेन सिंह के राज्य के सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद केंद्र ने 13 फरवरी को राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था। जिसके बाद राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने 20 फरवरी को युद्धरत समूहों से सुरक्षा बलों से लूटे गए हथियारों और अन्य अवैध रूप से रखे गए हथियारों को सात दिनों के भीतर स्वेच्छा से आत्मसमर्पण करने का आग्रह किया, साथ ही आश्वासन दिया कि कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

यह भी पढ़ें- Pune bus rape case: आरोपी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित, कौन हैं दत्तात्रेय रामदास गाडे?

समय सीमा के बाद कार्रवाई
मणिपुर के मुख्य सचिव ने कहा कि समय सीमा के बाद कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, रविवार को मणिपुर के मुख्य सचिव पीके सिंह ने कहा कि सुरक्षा बल समय सीमा के बाद कार्रवाई करेंगे। मई 2023 से मीतेई और कुकी-ज़ो समूहों के बीच जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

यह वीडियो भी देखें-

Join Our WhatsApp Community
Get The Latest News!
Don’t miss our top stories and need-to-know news everyday in your inbox.