राजस्थान में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। कल तक मजबूत स्थिति में दिख रहे वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अब संकट में दिख रहे हैं।
दरअस्ल गहलोत का दांव फेल होता दिख रहा है। उन्होंने सचिन पायलट की मुख्यमंत्री की राह रोकने के लिए जो कथित रूप से चाल चली थी, उस पर वे खुद घिरते नजर आ रहे हैं। अब ऐसा लग रहा है कि मुख्यमंत्री की कुर्सी जाने के साथ ही वे पार्टी अध्यक्ष पद का चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे।
हाईकमान का फैसला मंजूर
प्राप्त जानकारी के अनुसार हाईकमान के मूड को भांपते हुए पार्टी विधायक पलटने लगे हैं। अब तक पायलट के मुख्यमंत्री की राह में रोड़े दिख रहे कांग्रेस विधायक उनके समर्थन में आने लगे हैं। 24 घंटे में कई विधायक पायलट के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान का फैसला उन्हें मंजूर है। उन्हें सचिन पायलट के मुख्यमंत्री बनाए जाने से कोई परेशानी नहीं है।
राजस्थान में राजनैतिक भूचाल
-राजस्थान कांग्रेस में एक बार फिर सियासी भूचाल आया हुआ है। पार्टी में करीब सवा दो साल बाद दोबारा बगावती तेवर देखने को मिल रहे थे। लेकिन इस बार पायलट की जगह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समर्थक विधायक बागी तेवर दिखा रहे थे। सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने की संभावनाओं को देखते हुए गहलोत समर्थक विधायकों ने कांग्रेस हाईकमान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।
-25 सितंबर की देर रात तक मुख्यमंत्री आवास और उसके पांच सौ मीटर के दायरे में चले इस सियासी ड्रामे के बीच विधायक दल की बैठक का बहिष्कार करके करीब 90 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी को इस्तीफे सौंपकर गहलोत को सीएम पद से नहीं हटाए जाने के लिए आलाकमान पर दबाव डालने की कोशिश की थी। लेकिन अब पासा पलटता दिख रहा है। अशोक गहलोत अपने ही बिछाए जाल में फंसते नजर आ रहे हैं।
Join Our WhatsApp Community