उद्धव ठाकरे गुट के मुख्य प्रवक्ता संजय राऊत राज्य के वह नेता हैं जो सुबह से शाम तक बयानों की बैछार करते रहते हैं। मंगलवार को सरकार पर टिप्पणी करते हुए संजय राऊत सीमा लांघ गए, जिस पर उनके विरुद्ध विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया गया है। जिस पर विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने दो दिनों में प्रकरण की जांच करके रिपोर्ट मंगाई है।
बजट सत्र के तीसरे दिन संजय राऊत का मुद्दा गरमा गया। अपने एक बयान में संजय राऊत ने विधानसभा (विधान मंडल) को चोर मंडल कहकर संबोधित किया। इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के विधायक आक्रोषित हो गए। विधान सभा में इस संबंध में आशीष शेलार और अतुल भातखलकर ने संजय राऊत पर कार्रवाई की मांग की है। विधायक अतुल भातखलकर ने प्रकरण को शीघ्रता से विशेषाधिकार समिति के पास भेजने की मांग की। इस पर विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने दो दिनों में रिपोर्ट मंगाई है और उस पर अपना निर्णय देंगे।
प्रकरण विशेषाधिकार समिति के पास भेजें- अतुल भातखलकर
भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने कहा कि, संजय राऊत ने संपूर्ण विधानसभा का अपमान किया है। भातखलकर ने आरोप लगाया कि, सोमवार को मुंबई पुलिस द्वारा कोविड-19 धांधली प्रकरण में संजय राऊत के करीबी को गिरफ्तार किया था, इस निराशा में राऊत ने विधानमंडल (विधानसभा) को चोर मंडल कहकर संबोधित किया है। इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से विधायक भातखलकर ने मांग की है कि संजय राऊत के प्रकरण को तत्काल विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जाए।
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चोर मंडल कहने का नहीं अधिकार – अजीत पवार
हम सभी विधानसभा के सदस्य हैं। किसी भी नेता, व्यक्ति को इस तरीके से चोर मंडल बोलने का अधिकार नहीं है। टीवी में जिस प्रकार से न्यूज आई है, मैं उस मत से सहमत हूं कि, पार्टी के विचारों से हटकर सभी को इस प्रकरण को देखना चाहिये। सभी को नियम का पालन करना चाहिये। संविधान ने सभी को बोलने का अधिकार दिया है, इसमें इस बात की जांच की जानी चाहिये कि, सच में उन्होंने ऐसा कहा है क्या? विधानसभा के मान-सम्मान की रक्षा सभी को करनी चाहिये।