Delhi Politics: नजफगढ़ (Najafgarh) से भाजपा विधायक नीलम पहलवान (Neelam Pehelwan) ने दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly) में अपने निर्वाचन क्षेत्र नजफगढ़ का नाम बदलकर नाहरगढ़ (Nahargarh) करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने दावा किया कि मुगल शासक औरंगजेब ने नाहरगढ़ का नाम बदलकर नजफगढ़ कर दिया था और मांग की कि इसका मूल नाम बहाल किया जाए। पहलवान ने AAP उम्मीदवार तरुण कुमार को 29,000 से अधिक मतों के अंतर से हराकर दिल्ली चुनाव जीता।
उनके प्रस्ताव के बाद, आरके पुरम से भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने भी अपने निर्वाचन क्षेत्र के एक गाँव का नाम बदलने की माँग की। उन्होंने कहा कि मोहम्मदपुर का नाम बदलकर माधवपुरम कर दिया जाना चाहिए और घोषणा की कि वह इस प्रस्ताव को दिल्ली विधानसभा में रखेंगे।
#WATCH Delhi: Speaking in the Assembly, BJP MLA Neelam Pahalwan says, “…In the 1857 revolt, Raja Nahar Singh fought and included the Najafgarh region in Delhi’s territory. Despite several efforts, including through the them MP Parvesh Verma, we tried to change the name of… pic.twitter.com/W8vmjGPr0m
— ANI (@ANI) February 27, 2025
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मुस्तफाबाद से बदलकर शिव पुरी या शिव विहार
दिल्ली में भाजपा नेताओं के बीच इलाकों का नाम बदलने की मांग जोर पकड़ रही है। मुस्तफाबाद निर्वाचन क्षेत्र में जीत हासिल करने के बाद, वरिष्ठ भाजपा नेता मोहन सिंह बिष्ट ने घोषणा की कि वह आधिकारिक रूप से पदभार संभालने के बाद मुस्तफाबाद का नाम बदलकर “शिव पुरी” या “शिव विहार” रखेंगे। बिष्ट ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, “मैं इलाके का नाम मुस्तफाबाद से बदलकर शिव पुरी या शिव विहार रखूंगा। मैंने पहले भी यह कहा है। मैं यह समझने में विफल हूं कि राजनीतिक दल मुस्तफाबाद नाम को बनाए रखने पर जोर क्यों दे रहे हैं। हिंदुओं के मुख्य रूप से निवास वाले क्षेत्र का नाम शिव पुरी या शिव विहार क्यों नहीं रखा जा सकता है? लोग ‘मुस्तफा’ नाम से परेशान हैं और इसे बदला जाना चाहिए। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि ऐसा हो।”
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17,500 से ज़्यादा वोटों के बड़े अंतर से जीत
मुस्तफाबाद, उत्तर-पूर्वी दिल्ली का एक मुस्लिम बहुल निर्वाचन क्षेत्र है, जो 2020 के सांप्रदायिक दंगों के दौरान सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक था। करावल नगर से चार बार के भाजपा विधायक बिष्ट को हाल के चुनावों में कपिल मिश्रा की जगह मुस्तफाबाद से मैदान में उतारा गया था। उन्होंने आप उम्मीदवार अदील अहमद को 17,500 से ज़्यादा वोटों के बड़े अंतर से हराया। उनकी जीत ने दिल्ली में जगहों के नाम बदलने के भाजपा के अभियान को और मज़बूत कर दिया है।
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आप विधायकों का आरोप
गौरतलब है कि गुरुवार को आप विधायकों ने आरोप लगाया था कि उन्हें दिल्ली विधानसभा परिसर में प्रवेश करने से रोका गया। शराब नीति पर कैग रिपोर्ट को लेकर सदन में हंगामा करने के लिए मंगलवार को आप के कुल 21 विधायकों को तीन दिन के लिए निलंबित कर दिया गया था। शराब नीति को आप ने सत्ता में रहते हुए बनाया था।
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