Rajasthan: मुख्यमंत्री शर्मा ने किसानों को बताया अन्नदाता, की यह अपील

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अन्नदाता किसान देश एवं प्रदेश की आत्मा है अगर किसान विकसित होगा तो देश-प्रदेश विकसित एवं खुशहाल होगा।

399

Rajasthan: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अन्नदाता किसान देश एवं प्रदेश की आत्मा है अगर किसान विकसित होगा तो देश-प्रदेश विकसित एवं खुशहाल होगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का सपना सिर्फ ‘कृषि विकास’ ही नहीं ‘कृषि गौरव’ है। हम चाहते हैं कि राजस्थान का किसान देश में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में आदर्श बने। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) से जुड़ें जिससे वे लाभ की खेती कर खुद को सशक्त बना सकें।

शर्मा 26 मार्च को बीकानेर में राजस्थान दिवस कार्यक्रम श्रृंखला के तहत आयोजित किसान सम्मेलन एवं किसान उत्पादक संगठन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी को राजस्थान दिवस तथा भारतीय नववर्ष 2082 की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष से चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर राजस्थान दिवस मनाने का निर्णय लिया है तथा प्रदेशवासी धूमधाम से राजस्थान दिवस मनाएं।

तपती धूप, कड़ाके की सर्दी, बारिश की बौछार में भी किसान खड़ा
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम किसानों के सम्मान को समर्पित है। किसान सिर्फ खेती नहीं करते, वे जीवन की नींव रखते हैं। किसानों की मेहनत से ही भारत ने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की है तथा विश्व में हम एक अग्रणी कृषि शक्ति के रूप में उभरे हैं। उन्होंने कहा कि किसान सूरज की तपती धूप, कड़ाके की सर्दी तथा बारिश की बौछार में भी खेतों में खड़े रहकर सिंचाई करते हैं और रखवाली करते हैं। किसानों का यह त्याग और समर्पण अप्रतिम है।

अन्नदाता किसान को मिली अनेक सौगात
आज बीकानेर में हुए किसान सम्मेलन एवं एफपीओ कार्यक्रम में 30 हजार किसानों को 137 करोड़ रुपये का अनुदान हस्तान्तरण किया गया। साथ ही, इसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि राशि में वृद्धि एवं मुख्यमंत्री थार सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के दिशा-निर्देश जारी किए गए। इसके अलावा मंगला पशु बीमा योजना में लाभान्वितों का दायरा भी बढ़ाया गया है। कार्यक्रम में पशुधन निःशुल्क आरोग्य योजना के अन्तर्गत निःशुल्क उपलब्ध करवाये जा रहे औषधियों व टीकों की संख्या बढाकर 200 किए जाने तथा कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के विभिन्न दिशा-निर्देश जारी किए गए। ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए बैल से खेती करवाये जाने पर 30 हजार की प्रोत्साहन राशि के दिशा-निर्देश जारी किए गए। पीएमएफएमई योजना के तीन एफपीओ को अनुदान के तथा एक एफपीओ को शेयर मनी के चैक वितरण किए गए।

राज्य सरकार किसान हित में ले रही लगातार निर्णय
शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार के लिए किसान हित पहली प्राथमिकता है। हमनें अपने पहले ही वर्ष में किसान सम्मान निधि में सहायता राशि को 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 8 हजार किया जिसे अब बढ़ाकर 9 हजार रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत 20 लाख से अधिक पशुओं का पंजीकरण, पशुधन निःशुल्क आरोग्य योजना के तहत निःशुल्क औषधियां और टीके उपलब्ध कराना, मोबाइल वेटनरी सेवा नंबर 1962 प्रारंभ करने, राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना के तहत लगभग 34 हजार पात्र गोपालकों के ऋण स्वीकृती सहित विभिन्न निर्णयों से पशुपालकों को राहत दी जा रही है। इस वर्ष के बजट में भी बांसवाड़ा में 20 करोड़ रुपये की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर मेज की स्थापना, ग्लोबल राजस्थान एग्री टेक मीट (ग्राम) का आयोजन, विभिन्न क्षेत्रों में कृषि उपज मंडी खोलने जैसे प्रावधानों से किसान समृद्ध बनेंगे।

किसानों को बिजली, पानी उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता
शर्मा ने कहा कि उन्होंने खेती का हर काम किया है तथा वे किसानों की समस्या को भलीभाति समझते हैं। इसीलिए हम किसानों को 2027 तक दिन में बिजली देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए बिजली-पानी की प्राथमिकता पर काम करते हुए राज्य सरकार द्वारा राइजिंग राजस्थान में 35 हजार करोड़ के एमओयू किए है। राज्य सरकार के ईआरसीपी, यमुना जल समझौता, देवास परियोजना जैसे निर्णयों से किसानों को पेयजल एवं सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि गत सरकार में कई पेपरलीक हुए थे, उन प्रकरणों में लिप्त दोषियों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। हमारे 15 माह के कार्यकाल में एक भी पेपरलीक नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को आह्वान किया कि वे मेहनत करे। हम निरंतर भर्तियां तथा नियुक्ति पत्र देकर युवाओं के सपनों को साकार करेंगे।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने भी विचार रखे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने किसान उत्पादन संगठन मार्गदर्शिका का विमोचन किया तथा लाभार्थियों से संवाद किया। इस दौरान सफल एफपीओ पर लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय किसान उत्पादक संगठन मेले का फीता काटकर उद्घाटन किया और विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में एफपीओ के मॉडल के रूप में बनाए गए एफपीओ ट्री नवाचार को सराहा।

Uttar Pradesh: योगी सरकार के आठ साल की क्या हैं उपलब्धियां? कितने लोगों को मिला किस योजना का लाभ? जानिये

इस दौरान राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष सी आर चौधरी, विधायक सिद्धि कुमारी, डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, ताराचन्द सारस्वत, अंशुमान सिंह भाटी, जेठानंद व्यास सहित बड़ी संख्या में किसान एवं आमजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किसान जुड़े।

Join Our WhatsApp Community
Get The Latest News!
Don’t miss our top stories and need-to-know news everyday in your inbox.