Veer Savarkar: वीर सावरकर मानहानि मामले से राहुल गांधी का खुद को दोषमुक्त करने का हताश प्रयास; न्यायालय में दायर की अर्जी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लंदन में एक कार्यक्रम में बोलते हुए स्वातंत्र्यवीर सावरकर का अपमान किया। वीर सावरकर के पोते सात्यकी सावरकर ने स्वातंत्र्यवीर सावरकर को बदनाम करने के लिए पुणे के एक न्यायालय में मानहानि का मुकदमा दायर किया है। अब राहुल गांधी इस मामले से बाहर निकलने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।

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Veer Savarkar: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लंदन में एक कार्यक्रम में बोलते हुए स्वातंत्र्यवीर सावरकर का अपमान किया। वीर सावरकर के पोते सात्यकी सावरकर ने स्वातंत्र्यवीर सावरकर को बदनाम करने के लिए पुणे के एक न्यायालय में मानहानि का मुकदमा दायर किया है। अब राहुल गांधी इस मामले से बाहर निकलने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने न्यायालय में एक आवेदन दायर कर मांग की है कि उनके खिलाफ लगे आरोप हटा दिए जाएं। याचिकाकर्ता सात्यकी सावरकर ने इसका विरोध किया है।

राहुल गांधी की अर्जी में क्या है?
राहुल गांधी द्वारा पुणे की अदालत में दायर मामला सीआरपीसी की धारा 258 के तहत दर्ज किया गया है। इस धारा के तहत दायर आवेदन के माध्यम से आरोपी राहुल गांधी ने अदालत की कार्यप्रणाली पर संदेह जताया है। इस आवेदन के अनुसार, आरोपी ने मांग की है कि उनके खिलाफ दर्ज मामले रद्द किए जाएं और उन्हें बरी किया जाए या मामले पर रोक लगाई जाए। इस आवेदन के माध्यम से ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी राहुल गांधी ने अप्रत्यक्ष रूप से खुद को इस मामले से मुक्त करने का प्रयास शुरू कर दिया है।

याचिकाकर्ता सात्यकी सावरकर ने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि आरोपी राहुल गांधी ने वीर सावरकर को बदनाम किया है और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके ऐतिहासिक योगदान का अपमान किया है। दूसरी ओर आरोपी ने अदालत में दायर आवेदन में कहा है कि वह ऐतिहासिक साक्ष्य पेश करना चाहते हैं, जिससे पता चले कि वीर सावरकर ने स्वतंत्रता आंदोलन में कोई योगदान नहीं दिया।

याचिकाकर्ताओं के वकीलों का क्या कहना है?
इस पर सात्यकी सावरकर के वकील संग्राम कोल्हटकर ने कहा कि इस मामले में आरोपियों की चार्जशीट अभी तक नहीं दायर नहीं की गई है। आरोपी ने अभी तक यह नहीं बताया है कि वह अपना अपराध स्वीकार करता है या नहीं। कोई भी अभियुक्त बिना कोई बयान दिए अपने विरुद्ध लगाए गए आरोपों को रद्द करने के लिए आवेदन दायर नहीं कर सकता। अभियुक्त यह निर्णय नहीं ले सकता कि अदालत को मामले का संचालन किस प्रकार करना चाहिए। इसके अलावा, आरोपी ने ऐतिहासिक साक्ष्य प्रस्तुत करने के संबंध में एक आवेदन भी दायर किया है। वह भी व्यर्थ है, क्योंकि आरोपी कभी भी ऐसा सबूत पेश नहीं कर पाएगा।

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अधिवक्ता संग्राम कोल्हटकर ने कहा, यह सिर्फ समय की बर्बादी है। आरोपी राहुल गांधी ने भिवंडी अदालत में भी इसी तरह की अर्जी दायर की थी, जिसके जरिए उन्हें दो साल की मोहलत मिल गई थी। यही आवेदन अब आरोपी राहुल गांधी ने पुणे की अदालत में दायर किया है। दरअसल, यह मामला अभी शुरू ही नहीं हुआ है। हम अभी तक अपने सबूत पेश नहीं कर पाए हैं, राहुल गांधी ऐतिहासिक सबूत कहां से पेश करेंगे? इसके विपरीत, याचिकाकर्ता सात्यकी सावरकर ने खुद ही इच्छा व्यक्त की है कि इस मामले के माध्यम से वीर सावरकर के बारे में ऐतिहासिक सबूत जनता के सामने लाए जाने चाहिए, और अदालत में दायर आवेदन में हमने मांग की है कि इस मामले को बिना किसी देरी के तुरंत आगे बढ़ाया जाए।

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