Waqf Amendment Bill: पश्चिम बंगाल में बवाल, ममता सरकार पर सवाल!

देश में वक्फ संशोधन विधेयक लागू होने में अभी कुछ समय लगेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर के बाद वक्फ संशोधन विधेयक पर मुहर लग जाएगी और यह कानून बन जाएगा।

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Waqf Amendment Bill: देश में वक्फ संशोधन विधेयक लागू होने में अभी कुछ समय लगेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर के बाद वक्फ संशोधन विधेयक पर मुहर लग जाएगी और यह कानून बन जाएगा। लोकसभा में करीब 12 घंटे और राज्यसभा में 13 घंटे की बहस के बाद वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पारित हुआ।

बता दें कि लोकसभा में बिल के पक्ष में 288 वोट पड़े थे और विरोध में 232 वोट डाले गए थे। राज्यसभा में बिल पर 3 अप्रैल की दोपहर 1 बजे से चर्चा जारी थी। जो करीब 13 घंटे चली। बिल के समर्थन में 128 सांसदों ने वोट दिया और विरोध में 95 वोट दिया।

बंगाल में बवाल
पश्चिम बंगाल में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। राज्य के विभिन्न मुस्लिम संगठनों और राजनीतिक दलों ने इस विधेयक को मुस्लिम समुदाय के अधिकारों पर हमला और असंवैधानिक करार दिया है।

भयभीत भाई जान!
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पारित करवाने में सफल रही। केंद्र सरकार खुलेआम कह रही है कि वक्फ विधेयक से मुसलमानों को कोई नुकसान नहीं होगा। इसके बावजूद मुस्लिम समुदाय इस विधेयक को लेकर भयभीत है। यही वजह है कि उन्होंने देश के अलग-अलग शहरों में इस विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया। वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ 4 अप्रैल को कोलकाता, चेन्नई और अहमदाबाद की सड़कों पर हजारों लोग जमा हुए। मुस्लिम समुदाय के इन लोगों ने जुमे की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन किया।

ममता कर रही हैं राजनीति?
शुक्रवार (4 अप्रैल) को सबसे पहले पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता की सड़कों पर मुस्लिम समुदाय उतर आया। जुमे की नमाज के बाद पार्क सर्कस इलाके में हजारों की संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जमायत-ए-इस्लाम के आह्वान पर आयोजित किया गया था। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए विधेयक को तुरंत वापस लेने की मांग की।

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भाईजान के साथ ममता
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस विधेयक का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार ने यह संशोधन देश को धार्मिक आधार पर बांटने की मंशा से लाया है। मुख्यमंत्री ने वादा किया है कि अगर देश में नई सरकार बनी तो इस संशोधन को रद्द कर दिया जाएगा। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी इसे ‘काला कानून’ बताते हुए राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।

 

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