छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के जशपुर जिले (Jashpur District) के एक मिशनरी नर्सिंग कॉलेज (Missionary Nursing College) में ईसाई धर्म परिवर्तन (Christian Conversion) का खेल सामने आया है। यहां छात्राओं (Girl Students) पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया जाता है। अगर वे नहीं मानती हैं तो उन्हें परीक्षा नहीं देने के साथ ही अन्य तरीकों से परेशान किया जाता है।
ऑपइंडिया के अनुसार, यह घटना जशपुर के कुनकुरी थाना क्षेत्र के होली क्रॉस नर्सिंग कॉलेज की है। यहां नर्सिंग की अंतिम वर्ष की छात्रा ने प्रिंसिपल विंसी जोसेफ पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। छात्रा का कहना है कि जीएनएम प्रथम वर्ष में एडमिशन लेने के तीन महीने बाद प्रिंसिपल ने उसे फोन कर हिंदू से ईसाई बनने का ऑफर दिया।
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छात्रा को परेशानी का सामना करना पड़ा
जब छात्रा ने इसकी अनदेखी की तो प्रिंसिपल विन्सी ने उसे बार-बार इस्लाम धर्म अपनाने और नन बनने के लिए कहा। जब छात्रा ने ऐसा करने से साफ मना कर दिया तो कॉलेज प्रबंधन ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। छात्रा ने बताया कि उसे क्लास से बाहर निकाल दिया गया। कॉलेज कैंपस में घुसने पर रोक लगा दी गई। फिर 1 अप्रैल 2024 को उसे हॉस्टल से निकाल दिया गया। उसे पढ़ाई नहीं करने देने और वार्षिक परीक्षा में नहीं बैठने देने की कोशिश की गई।
मिली जानकारी के अनुसार, छात्रा ने इस पूरे मामले पर कलेक्टर और एसपी को लिखित शिकायत दर्ज कराई है और कार्रवाई की मांग की है।
"शिक्षा के आड़ में धर्मांतरण बर्दाश्त नही किया जाएगा "
होलीक्रॉस नर्सिंग कॉलेज (कुनकुरी) जिला जशपुर में बहन छात्रा कु. अमिशा बाई को जबरन प्रताड़ित कर धर्मांतरण करने वालो को बिलकुल बक्शा न जाए, संबंधित प्राचार्या के खिलाफ कानूनी कारवाई हो और उस संस्था की मान्यता रद्द करके तत्काल…
— Prabal Pratap Singh Judev (@prabaljudevBJP) April 3, 2025
धर्मांतरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
छत्तीसगढ़ भाजपा नेता और अखिल भारतीय घर वापसी संगठन के प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “शिक्षा के नाम पर धर्मांतरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। होली क्रॉस नर्सिंग कॉलेज (कुनकुरी) जिला जशपुर में छात्रा को जबरन परेशान करने और धर्मांतरण कराने वालों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाना चाहिए, संबंधित प्रिंसिपल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए और उस संस्थान की मान्यता रद्द कर उसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए।”
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