ED Raids: प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने 12 मार्च (मंगलवार) को अमित कात्याल (Amit Katyal) और राजेश कात्याल (Rajesh Katyal) द्वारा संचालित रियल एस्टेट और शराब के कारोबार में शामिल हरियाणा स्थित कृष ग्रुप यानी कृष्णा बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड (Krishna Buildtech Private Limited) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच (money laundering investigation) के एक हिस्से के रूप में दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में कई स्थानों पर तलाशी ली।
केंद्रीय एजेंसी ने 400 करोड़ रुपये के होमबॉयर्स के पैसे की हेराफेरी और विदेशों में धन लगाने की जांच के संबंध में दिल्ली, गुड़गांव, सोनीपत आदि में स्थित 17 परिसरों पर छापेमारी की। एजेंसी ने आरोप लगाया कि कात्याल ने घर खरीदने वालों का 200 करोड़ रुपये से अधिक का धन श्रीलंका भेजा और अपने बेटे कृष्ण कात्याल का सेंट नेविस का पासपोर्ट और किट्स का भारतीय पासपोर्ट सरेंडर करवा लिया।
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लालू परिवार के “करीबी सहयोगी”
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के एक कथित “करीबी सहयोगी”, अमित कत्याल को भी ईडी ने नौकरी के लिए भूमि घोटाले में गिरफ्तार किया था, जिसमें लालू, राबड़ी और उनके बच्चे भी आरोपी हैं।सूत्रों ने बताया कि इससे पहले अमित कत्याल को भी लैंड फॉर जॉब मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया था। ईडी ने 8 जनवरी को पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत अमित कत्याल, राबड़ी देवी, मीशा भारती, हेमा यादव, हृदयानंद चौधरी और दो कंपनियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज की थी। मेसर्स ए के इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स ए बी एक्सपोर्ट्स प्रा. नौकरी के लिए भूमि घोटाले में विशेष न्यायालय (पीएमएलए), नई दिल्ली के समक्ष लिमिटेड। विशेष अदालत ने 27 जनवरी को अभियोजन की शिकायत पर संज्ञान लिया था।
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