Jhansi Medical College fire: झांसी मेडिकल कॉलेज अग्निकांड के कारण का खुलासा, 4 सदस्यीय जांच टीम गठित

पहले शॉर्ट सर्किट को नजरअंदाज किया गया और जब रात करीब 10:45 बजे दूसरा शॉर्ट सर्किट हुआ, तो एनआईसीयू वार्ड में आग लग गई, जिसके कारण 10 शिशुओं की जान चली गई।

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Jhansi Medical College fire: झांसी मेडिकल कॉलेज अग्निकांड (Jhansi Medical College fire) में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि 15 नवंबर (शुक्रवार) शाम करीब 5:00 बजे वार्ड में शॉर्ट सर्किट (short circuit) हुआ था, लेकिन स्टाफ ने इसे नजरअंदाज कर दिया।

सूत्रों के मुताबिक, पहले शॉर्ट सर्किट को नजरअंदाज किया गया और जब रात करीब 10:45 बजे दूसरा शॉर्ट सर्किट हुआ, तो एनआईसीयू वार्ड में आग लग गई, जिसके कारण 10 शिशुओं की जान चली गई। इस बीच, राज्य सरकार ने घटना की जांच के लिए 4 सदस्यीय समिति गठित (4 member committee formed) की है।

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16 अन्य बच्चें घायल
अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को 16 अन्य घायलों ने जीवन के लिए संघर्ष किया। एनआईसीयू के बाहरी हिस्से में मौजूद बच्चों को बचा लिया गया, साथ ही अंदर के हिस्से में मौजूद कुछ बच्चों को भी बचा लिया गया। समिति की अध्यक्षता चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण के महानिदेशक करेंगे। समिति के अन्य सदस्यों में चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा के निदेशक (स्वास्थ्य), बिजली, चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा के अतिरिक्त निदेशक और अग्निशमन विभाग के महानिदेशक द्वारा नामित एक अधिकारी शामिल हैं। समिति को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी। समिति आग के प्राथमिक कारण, किसी भी प्रकार की लापरवाही और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सिफारिशें करेगी।

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सीएम योगी ने की आर्थिक सहायता की घोषणा
इससे पहले सीएम योगी ने मृतक के परिवार को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। शनिवार सुबह मौके पर पहुंचे यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा, “घटना की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं…स्थानीय प्रशासन को 24 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। 10 नवजात शिशुओं की मौत हुई है, 7 की पहचान हो गई है, 3 की पहचान होनी बाकी है, अगर जरूरत पड़ी तो डीएनए जांच कराई जाएगी…प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के अंदर शॉर्ट सर्किट हुआ है…हम लापता नवजात शिशुओं के लिए हेल्पलाइन नंबर स्थापित करेंगे…मैं खुद स्थिति पर नजर रख रहा हूं और हम प्रभावित परिवारों के साथ हैं।”

जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) अविनाश कुमार ने कहा कि महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज के नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में शुक्रवार रात करीब 10.45 बजे आग लग गई, जो संभवतः बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। कुमार ने कहा कि कम गंभीर रोगियों को एनआईसीयू के बाहरी हिस्से में भर्ती कराया गया है, जबकि अधिक गंभीर रोगियों को आंतरिक हिस्से में रखा गया है।

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राष्ट्रपति, पीएम ने मौतों पर शोक जताया
दुखद घटना के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम मोदी ने मौत पर शोक जताया और घटना को हृदय विदारक बताया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक्स पर कहा, “उत्तर प्रदेश के झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में हुए हादसे में कई नवजात शिशुओं की मौत की खबर बेहद हृदय विदारक है। ईश्वर शोक संतप्त माता-पिता और परिवारों को इस क्रूर आघात को सहन करने की शक्ति दे। मैं घायल शिशुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।” पीएम मोदी ने कहा, “हृदय विदारक! उत्तर प्रदेश के झांसी मेडिकल कॉलेज में आग लगने की घटना हृदय विदारक है। इस दुर्घटना में अपने मासूम बच्चों को खोने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि उन्हें इस अपार क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”

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