Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में छैगांवमाखन थाना क्षेत्र अंतर्गत कोंडावत गांव में गुरुवार को गणगौर विसर्जन के बाद कुएं की सफाई करते समय आठ लोग डूब गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू शुरू किया। आशंका जताई जा रही है कि गंदगी के कारण कुएं में जहरीली गैस बनने के कारण यह हादसा हुआ। खबर लिखे जाने तक कुएं से सात लोगों के शव निकाल लिए हैं। मौके पर पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम मौके पर मौजूद है और रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है।
होमगार्ड और एसडीईआरएफ का 15 सदस्यीय दल भी मौके पर मौजूद
जानकारी के अनुसार, कोंडावत गांव के चौक में स्थित कुएं में गणगौर विसर्जन के बाद सफाई की जा रही थी, इसी दौरान यह हादसा हो गया। कुएं में बड़ी मात्रा में जमी गाद और विसर्जित की गई गणगौर की मूर्तियों के मलबे को निकालने के लिए दोपहर में कुछ लोग कुएं उतरे थे, जो शाम तक बाहर नहीं निकले। इसके बाद लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी। साथ ही ग्रामीणों उन्हें निकालने के प्रयास में जुट गए। जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम के साथ ही होमगार्ड और एसडीईआरएफ का 15 सदस्यीय दल भी मौके पर पहुंच गया और ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
सफाई के लिए कुएं में उतरे थे लोग
जानकारी मिलते ही सूचना मिलते ही खंडवा कलेक्टर ऋषभ गुप्ता, पुलिस अधीक्षक मनोज राय, एसडीएम बजरंग बहादूर सिंह भी मौके पर पहुंच गए हैं। घटना को लेकर खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी सामने आई है कि बुधवार को गांव के कुएं में गणगौर की मूर्तियों का विसर्जन हुआ था। उसकी सफाई के लिए कुछ लोग गुरुवार को कुएं में उतरे थे, लेकिन संभावना है कि गंदगी के कारण कुएं में सल्फाइड या मिथेन जैसी जहरीली गैस बन गई, जिससे इन लोगों के डूबने की आशंका हुई थी। पता किया गया तो यहां आठ लोग मिसिंग थे। पुलिस, प्रशासन, होमगार्ड और एनडीआरएफ का एक संयुक्त अभियान यहां चलाया जा रहा है। प्रयास किया जा रहा है कि अगर कोई जीवित हो तो उसे बचाया जा सके और अगर कोई शव हो तो उसे समय रहते बाहर निकाल लें।
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बचाने में डूबे लोग
घटना को लेकर मौके पर मौजूद ग्रामीण गोपीचंद पटेल ने बताया कि एक को बचाने में दूसरा कूदा और इस तरह आठ लोग डूब गए। इनमें एक परिवार से दो-दो लोग भी शामिल हैं। कुएं में उतरे लोगों के नाम राकेश पुत्र हरी, वासुदेव पुत्र आसाराम, अर्जुन पुत्र गोविंद, गजानंद पुत्र गोपाल, मोहन पुत्र मंसाराम, अजय पुत्र मोहन, शरण पुत्र शुखराम और अनिल पुत्र आत्माराम बताए गए हैं।