Year Ender 2024: जम्मू-कश्मीर में इस वर्ष ढेर हुए 70 आतंकी, ‘इतने’ विदेशी शामिल

सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर की सीमा में प्रवेश करने की कोशिश में 17 विदेशी आतंकियों को एलओसी या फिर आईबी के पास मार गिराया है। 

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File Photo

Year Ender 2024: सीमा पार (across the border) से आतंकी संगठनों के षडयंत्र (conspiracy of terrorist organizations) सुरक्षाबल पूरी तरह नाकाम बना रहे हैं। सीमा पार से आतंकियों की घुसपैठ को नाकाम बनाने के साथ ही क्षेत्र में घुसे आतंकियों को भी खोज-खोज कर ढेर किया जा रहा है।

इस वर्ष अब तक प्रदेश में मारे गए 70 आतंकियों (70 terrorists) में 42 विदेशी हैं। विदेशी आतंकियों को मार गिराने का यह एक रिकार्ड है। सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर की सीमा में प्रवेश करने की कोशिश में 17 विदेशी आतंकियों को एलओसी या फिर आईबी के पास मार गिराया है।

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हिज्बुल मुजाहिदीन
भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों के साथ मिलकर पूरे जम्मू-कश्मीर में विशेषकर कश्मीर घाटी में आतंकियों और उनके मददगारों को खोज-खोज कर पकड़ने या फिर मार गिराने का अभियान चलाया है। सीमा पर सीमा सुरक्षा बल और सेना के जवानों की चौकसी इतनी व्यापक है कि आतंकी नजर से बच नहीं सकते। प्रदेश के भीतरी इलाकों में आतंकियों को उनके ठिकानों से बाहर निकलते ही ढेर कर दिया जा रहा है। कुछ दिन पूर्व ही सुरक्षाबलों ने कुलगाम में एक भीषण मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के ऑपरेशनल कमांडर सहित पांच आतंकियों को मार गिराया था। इनके मारे जाने के साथ ही आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन का कश्मीर में लगभग सफाया हो चुका है। उसके अब दो से तीन आतंकी ही कश्मीर में जिंदा बचे हैं, जो सुरक्षाबलों के निशाने पर हैं और कुछ दिनों में मारे जा सकते हैं।

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जैश ए मोहम्मद
सुरक्षाबलों से जुड़े अधिकारियों ने बताया है कि मौजूदा वर्ष में बारामुला, बांडीपोरा, कुपवाडा, कुलगाम, जम्मू, उधमपुर, कठुआ, डोडा और राजौरी में सुरक्षाबलों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ों में 42 विदेशी आतंकी मारे गए हैं। सबसे ज्यादा 14 विदेशी आतंकी बारामुला जिले में गारे गए है। बारामुला के सबूरा नाला उड़ी, चक तापर, करीरी, कमलकोट उड़ी, नौपोरा, हदीपोरा, सागीपोरा, वतरगाम और राजपोरा सोपोर में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच कईं मुठभेड़ हुई हैं। इस वर्ष कुपवाड़ा जिले में सबसे ज्यादा 12 आतंकी मारे गए हैं। अखनूर सेक्टर में हुई मुठभेड़ में तीन विदेशी आतंकी मारे गए है। डोडा जिले में हुई दो मुठभेड़ों में चार आतंकी मारे गए है। कठुआ के सैडा हीरानगर में दो विदेशी आतंकी मारे गए है। उधमपुर के खंडरा टाप बसंगढ़ में भी दो विदेशी आतंकी मार गिराये गए हैं। श्रीनगर जिले में जैश ए मोहम्मद का विदेशी आतंकी मारा गया।

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सैयद सल्लाहुदीन उपस्थित
बांडीपोरा में एक और कुलगाम में एक विदेशी आतंकी मारा गया है। राजौरी जिले के नौशहरा में इस साल दो विदेशी आतंकी मारे गए हैं। कुछ दिन पूर्व आतंकी फारूक अहम्मद बट उर्फ नल्ली और उसके चार साथियों के मारे जाने के एक दिन बाद ही हिज्बुल मुजाहिदीन ने तारिक उल इस्लाम नाम के आतंकी को जम्मू-कश्मीर में अपने संगठन की कमान सौंपी है। इसके अलावा गाजी महमूद गजनवी को दक्षिण कश्मीर का डिप्टी चीफ ऑपरेशनल कमांडर बनाया है। हिज्बुल ने नए आतंकी कमांडरों को आतंकी गतिविधियां बढ़ाने और नई भर्ती तेज करने का फरमान दिया है। इन दोनों नामों पर गुलाम जम्मू-कश्मीर में हिज्बुल की सुप्रीम कमान कौंसिल की बैठक में सैयद सल्लाहुदीन की उपस्थित में सहमति बनी है।

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720 आतंकवादियों को मार गिराया
उत्तरी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एमवी सुचिंद्र कुमार ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सेना का फोकस हिंसा के चक्र को तोड़ने पर है और आतंकवादी इकोसिस्टम को नष्ट करने और युवाओं को सशक्त बनाने पर है। उन्होंने कहा है कि जम्मू और कश्मीर में शांति, समृद्धि और सुरक्षा स्थिति में सुधार भारतीय सेना और अन्य एजेंसियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। इस समय पूरा ध्यान हिंसा के चक्र को तोड़ने, आतंकवादी तंत्र को नष्ट करने, युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने, शिक्षा को सुविधाजनक बनाने, खेल को बढ़ावा देने और क्षेत्र की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित करने पर है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में सुरक्षा बलों ने जम्मू और कश्मीर में 720 आतंकवादियों को मार गिराया है। जहां तक शेष आतंकवादियों का सवाल है तो विभिन्न एजेंसियां आंकड़ों को अपडेट कर रही हैं जो 120 से 130 के बीच हैं। भर्ती के आंकड़े अब एकल अंक में हैं और यह अपने न्यूनतम स्तर पर है।

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600 से अधिक वीडीजी स्थापित
उन्होंने कहा कि हमारी सफलताओं के कारण प्रतिद्वंद्वी निराश है। उनका लक्ष्य आतंकवादियों को पार कराना है, लेकिन हमने घुसपैठ के प्रयासों को विफल कर दिया है। उनका लक्ष्य जनसंख्या में भय फैलाना है, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। शांति, समृद्धि और सुरक्षा स्थिति में सुधार भारतीय सेना और सभी अन्य एजेंसियों और हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। भारतीय सेना जम्मू और लद्दाख के लोगों के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी। विभिन्न एजेंसियां परिणाम प्राप्त करने के लिए अभियान चला रही हैं। गांव रक्षा समूह ने दशकों से दूरदराज के क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की है। वीडीजी सेटअप को मजबूत किया जा रहा है, जिसमें 600 से अधिक वीडीजी स्थापित किए जा रहे हैं और उन्हें 10,000 आधुनिक हथियार प्रदान किए जा रहे हैं। उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

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