निष्कर्ष:
डिप्टी सीएम का पद भले ही संवैधानिक न हो, लेकिन इसका राजनीतिक महत्व बेहद बड़ा होता है। यह पद संतुलन साधने का काम करता है, जबकि कैबिनेट मंत्री प्रत्यक्ष कार्यकारी भूमिका निभाते हैं। दोनों पदों का महत्व अपनी जगह है, लेकिन मुख्यमंत्री के बाद सबसे प्रमुख चेहरा डिप्टी सीएम होता है।