विवाद क्यों? विपक्ष और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने इस बिल को धार्मिक स्वतंत्रता पर हमले के रूप में देखा है। उनका दावा है कि यह वक्फ संपत्तियों को कमजोर करेगा और सरकार का हस्तक्षेप बढ़ाएगा।
वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का प्रावधान।
जिलाधीश (कलेक्टर) को वक्फ संपत्तियों का सर्वे करने का अधिकार।
वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसलों को हाईकोर्ट में चुनौती देने की अनुमति।